Posted in Uncategorized

आगाज़-ए-शायरी(हिंदी शायरी)

ख़ुद से ख़ुद का जोड़ लिया है राब्ता

इस फ़रेबी दुनिया में अब नहीं आता किसी पर भरोषा।

★★★★★★★★★★★★★★

सब को दर्द बाँटते बाँटते 

हमदर्द तो नहीं मिला

हर बार ज़ख्म ताज़ा हुआँ

अब मरहम भी नहीं मिलता।

◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆

कमरा भी इतना महक ने लगा कि

इतनी खुश्बू ही उनकी बातों में थी।

◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆

आख़िर किस हद तक रिश्ते में झुका जाए

यह तराजू है जिंदगी का

गर दोनो और से समान रखा जाए

तो घाटा नहीं होगा किसिका।

◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆

क्यूँ शिकायत करते हो कि तन्हा हूँ दिल से

यहाँ हर कोई अकेला है भरी महफ़िल में।

★★★★★★★★★★★★★★★

आ गया उनपे हमें इतना एतबार

एक दिन कर दिया उसने इज़हार

हो गया था हमें भी प्यार

कर बैठे हम भी इक़रार।

~Jalpa

Author:

I am a tuition teacher and a published author on Amazon. Read my books of Hindi poetries & Shayari. Three books have been published on Amazon and two books on notionpress. Which are as follows: 'कुछ अनकहे जज़्बात' / 'आख़िर दिल है हिन्दुस्तानी'-वतन की खुश्बू /'ऊँची उड़ान'- with the wings of patience /'तक़दीर से उम्मीद'/ 'आगाज़-ए-शायरी'. Many compositions published on various well-known forums. Participated in many competitions and got awards and certificates. I continued to put life experiences into words that are simple, beautifully provided by God. I hope to reach the heart of the readers.

7 thoughts on “आगाज़-ए-शायरी(हिंदी शायरी)

      1. प्रयास शानदार रहा अभी की कुछ रचनायें सादर प्रस्तुत करिये। 🌿

        Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s