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रातें बीत जाती हैं

बहरे हज़ज मुसम्मन सालिम मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन 1222 1222 1222 1222 यूँ तन्हाई में अक्सर मेरी, रातें बीत जाती हैं, बिना मेरे कैसे उन्हें, सुकूँ से नींद आती है! जमीं पे दो सितारों के, मिलन से है फ़लक रौशन, हो गर सच्ची मुहब्बत फ़िर, ये काएनात मिलाती है। नहीं बनना ज़रूरत वक़्त के साथ […]

जीने की हसरत है

1222 1222 1222 1222 नहीं सीने में दिल फ़िर भी मुझे जीने की हसरत है, अजब है ये हुई भी चोर-ए-दिल से ही यूँ चाहत है। यूँ आँखें मूंद कर सब पर यकीं कर लेती हूँ अक्सर, मिले धोखा तो कह देती यही तो मेरी किस्मत है। हूँ बर्दाश्त के क़ाबिल, मुश्किलें यूँ मुझ पे […]