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#हिंदी #blog #poem #poetry

भाई की कलाई

प्रेम रूपी राखी जुड़ी जज़्बात के नाजुक धागे से
रेशमी रिश्ते की राखी गुँथी है रक्षा के वचन से
स्नेह के बंधन में बांधी गई एक अटूट विश्वास से
खट्टी मीठी नोकझोंक से बनी सुनहरे प्यारे रंगों से

बड़े इंतज़ार के बाद घर खुशियां लेके बहन आई
कुमकुम, चावल, राखी, मिठाई से थाली सजाई
सूनी थी जो,आज चाँद सी चमके भाई की कलाई
हरख भाई का दिखे, बहन कुमकुम तिलक लगाई

प्यारी बहना को आज भाई ने दिया अनमोल उपहार
दुनिया में सबसे अनोखा है भाई-बहन का प्यार
माँ जैसे करती दुलार, बेटी के बिना अधूरा परिवार
जग के सारे पर्व में सबसे न्यारा है राखी का त्यौहार।

🌸आप सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ🌸

~Jalpa lalani ‘Zoya’

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#शायरी #हिंदी #blog

ईद मुबारक

ईद के मुक्कदस मौके पर, आज तो आकर मिल जाओ
है दरमियाँ गिले-शिकवे, आज गले लगाकर भूल जाओ
क़ुबूल करके यह रिश्ता, ख़ुदा ने प्यार से इसे है नवाज़ा
रिश्ते में है गलतफहमी की दरार, आज इसे सिल जाओ।

आप सभी को ईद मुबारक🌙🌠

~Jalpa lalani ‘Zoya’

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#हिंदी #blog #poem #poetry

बहुत कुछ बाकी है

बहुत कुछ बाकी है तेरे मेरे दरमियाँ,
तेरी याद में अभी आँखें भर आती है।

मोहब्बत से ऊँचा नहीं यह आसमाँ,
पर तूने हर दम इसे जमीं से नापी है।

सफ़र-ए-इश्क़ की हुई है शुरुआत,
अभी तो ये सिर्फ़ प्रेम की झांकी है।

बहुत कुछ बाकी है तेरे मेरे दरमियाँ
दूरीमें नज़दीकी का एहसास काफ़ी है।

~Jalpa lalani ‘Zoya’

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#हिंदी #blog #poetry

नज़रें चुराने लगे वो

हुआ है मलाल अब ख़ुद से नज़रें चुराने लगे वो,
करके गुस्ताखी-ए-जुर्म अवाम से मुँह छुपाने लगे वो।

बिना सबूत सच्चाई साबित नहीं होती अदालत में,
औरों पर इल्ज़ाम लगाके गुनाह पर परदा गिराने लगे वो।

झूठ की चीनी मिलाके सच का कड़वा शर्बत पिया नहीं गया,
आबेहयात में जहर घोलकर सबको पिलाने लगे वो।

अल्लाह के दर पे सिर झुकाकर सजदे में करते है तौबा,
होकर बेख़बर ख़ुदा की नज़रों से राज़ दफनाने लगे वो।

~Jalpa lalani ‘Zoya’

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#हिंदी #हिन्दीकविता #blog #poem #poetry

सड़को पर समंदर

आज की बारिश को महसूस कर के कुछ ज़हन में 

आया है जो कागज़ पर उतर आया है। 

उफ्फ़ ! क्या ढाया है कुदरत का क़हर 

जैसे बह रहा है सड़को पर समंदर। 

जिस बारिश से आती है चेहरे पर ख़ुशी 

आज वह बारिश क्यों हुई है गमगीन। 

दौड़ आते थे बच्चे बारिश में खेलने बाहर 

आज वह डर के बैठे है घर के भीतर। 

दुआ करते थे पहली बारिश होने की 

आज दुआ कर रहे है उसे रोकने की। 

यह गरजता हुआ बादल जैसे रोने की सिसकिया 

यह चमकती हुई बिजली जैसे आँखों की झपकियां। 

क्या गलती हो गई हम इन्सान से ऐ ख़ुदा

क्यों आज बादल को पड़ रहा है रोना। 

अब नही सुनी जाती बादल की यह सिसकिया 

साथ मे सुनाई देती है किसानो की बरबादियाँ। 

संभल जा ऐ इन्सान, है इतनी से गुज़ारिश 

सर झुका दे कुदरत के आगे तभी रुकेगी यह बारिश। 

~Jalpa ‘Zoya’

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#हिंदी #हिन्दीकविता #blog #poem #poetry

कोशिश की जाए

कुछ ना करने से बेहतर है थोड़ी सी कोशिश की जाए
धर्म निभाते तंगदस्त को थोड़ी सी बख़्शिश दी जाए

ज़्यादा पाने की चाह में जो पास है उसे ना खो देना
आँख बंद करके सही ख़ुद से कुछ ख़्वाहिश की जाए

थोड़ी ज़्यादा मशक्कत करने से मुक़ाम ज़रूर पायेगा
नई शुरुआत से पहले बड़ो की दुआ, आशीष ली जाए।

~Jalpa ‘Zoya’

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#शायरी #हिंदी #blog

आगाज़-ए-शायरी(हिंदि शायरी)

यकीन है खुदा पर तभी इम्तिहान ले रहा है मेरा

दर्द दे कर रुलाता है, फ़िर हँसाता भी है

बार बार गिराता है, फ़िर उठाता भी है

मैं भी देखती हूँ कि दर्द जीतता है या यकीन मेरा।

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लोग हमे पागल समझते है, हमारी हँसी को देखकर

अब उन्हें क्या पता इस हँसी के पीछे रखते है कितने दर्द छिपाकर।

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जिन आँखों में गहरा झील बसता था

जिंदगी ने है इतना रुलाया

सूख गया है ग़म-ए-समंदर

अब तो अश्क़ भी नहीं गिरता।

◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆

उसने कहा दवाई ले लो ताकि दिल का दर्द कम हो

अब उन्हें कैसे कहे कि दिल के हक़ीम ही तुम हो।

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शेरो-शायरी लिखना हमें कहा आता है

ये तो दिल के एहसास है जो उभर आते है।

~Jalpa lalani ‘Zoya’

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#blog #English #Quotes

Motivational quotes

Jealousy doesn’t burn a human being but it burns a human soul.

★★★★★★★★★★★★★★★

Your courage brings you out of your dark days.

★★★★★★★★★★★★★★★

I admire the courage of those who come out of every storm of life despite physical defect.

★★★★★★★★★★★★★★★

Being romantic is not just a physical love, but it is about caring and making your partner happy.

★★★★★★★★★★★★★★★

The aroma of books still reminds me of my childhood.

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#हिंदी #हिन्दीकविता #blog #poem #poetry

मैं एक पिता हूँ

हाँ! मैं एक पिता हूँ, बाहर से दिखता बहुत सख़्त हूँ
मगर बच्चों की आँख में आँसू देखकर टूट जाता हूँ

हाँ! फ़ोन पर ज़्यादा किसीसे बात नहीं करता हूँ
मगर दिल में सबके लिए एहसास मैं भी रखता हूँ

सबकी मन मर्जी करने नहीं देता, टोकता बहुत हूँ
मगर बच्चों की बेहतरी के लिए ही ये सब करता हूँ

हाँ! जब याद आए बेटी की तो जताता नहीं हूँ
मगर कभी रात के अँधेरे में मैं अकेला रो लेता हूँ

सब कहते है मैं सिर्फ़ अपने लिए ये सब करता हूँ
मगर ज़िम्मेदारियों से कभी मैं भी तो थक जाता हूँ

मेरे जाने के बाद कभी मेरी कमी खलने नहीं देता हूँ
ये एहसान नहीं है, फ़र्ज़ है मेरा क्योंकि मैं एक पिता हूँ।

~Jalpa lalani ‘Zoya’

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#blog #English #Quotes

Motivational quote

Be positive….Release thy negative emotions and  sorrows of your life.  Being depressed can lead to depression.  Try to forget the bad moments.  Repeat the good moments in your life.  So that you always feel happy❤️

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वक़्त गुज़रता गया

वक़्त गुज़रता गया और हमारे बीच दुरियाँ भी बढ़ती गई
दिल का ज़ख़्म गहरा हुआ और यादें नासूर सी बनती गई

तू हँसते हुए छोड़ गया मेरी साँसें तिनका तिनका बिखर रही
तेरी बातों से दिल बिलख उठा और धड़कन भी रुक सी गई

ख़ुशी का वादा था किया और तोहफ़े में दे गया तू तन्हाई
बदलते मौसम के साथ तू बदल गया मैं वही पर ठहरी रह गई।

~ Jalpa lalani ‘Zoya’

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#हिंदी #blog #poem #poetry

सुबह होने वाली है

चाँद की मद्धम रोशनी तले बाहों के बिस्तर में पूरी रात गुजारी है
प्यार भरे लम्स से कोमल कली खिलकर खूबसूरत फूल बन गई है

दो जिस्म के साथ रूह के मिलन की सितारें देने आए गवाही है
दोनों बहक कर इश्क़ में पिघल रहे इस नशे में रात हुई रंगीन है

मिलन की प्यास है अधुरी, सूरज की किरणें धरा को चूमने वाली है
दिल में अजीब सी बेताबी है पर तुम जाओ प्रिये सुबह होने वाली है।

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Watch “”Jannat” – Jalpa lalani ‘Zoya’ | Best Hindi Poem | Best Hindi Love Poetry | poetry | kavita.” on YouTube

https://www.youtube.com/channel/UCwRGz7GMtlceDs3cgOcuSLA

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क्यों जा रहे हो?

ज़िंदगी की जंग से हार कर यूँ मुँह मोड़कर तुम क्यों जा रहे हो?
अँधेरे में जाकर अपने ही अक्स को ख़ुद से क्यों छुपा रहे हो?

दुनिया की भीड़ से दूर सारे बंधन तोड़कर अकेले कहाँ जा रहे हो?
ख़ुद की आँखे बंद करके अपने आपसे ही क्यों नज़रें चुरा रहे हो?

तन्हाई छोड़ इस जहाँ की महफ़िल में तुम अपनी पहचान बनाओ
अँधेरे रास्ते की वीरानगी में उम्मीद की लौ से तुम रोशनी जलाओ

आँखों में है जो अधूरे ख़्वाब मुकम्मल करके उसे हकीकत बनालो
अपनो के साथ मिलकर बेरंग ज़िंदगी में खुशियों के रंग तुम भरलो।

~Jalpa ‘Zoya’

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निर्दोष जीव

एक निर्दोष जीव भटक गया था रास्ता, जंगल के पास दिखा उसे एक गाँव
इधर-उधर भटक रहा भूखा-प्यासा, इंसानो को देख जगी उसे एक आशा

मन मे सोचा इंसान में होती है मानवता, क्या पता था इंसान के रुप में था दरिंदा
क्यों खिलाया भूखे जीव को विस्फोटक अनानास, कहाँ गई थी इंसान की इंसानियत

पेट की आग तो न बुझी उसकी, पर उस विस्फोटक ने हथनी का मुंह दिया जला
अपनी फ़िक्र नहीं थी उस माँ को, फ़िक्र थी उसे जो पेट में पल रहा था एक बच्चा

हो गई थी ज़ख्मी फिर भी थी उसमें दया नहीं किया उसके हत्यारों का कोई नुकसान
उन हैवानों को जरा भी रहम नहीं आया, जो दो बेजुबानों की बेरहमी से ले ली जान

सिर्फ भूखी थी माँ और आख़िर क्या कुसूर था उसका जो अभी तक जन्मा नहीं था
ऐसे क्रूर कृत्य से किसीकी भी रूह काँप जाए, पर वो हत्यारे तो हुए भी नहीं शर्मसार

धीरे-धीरे विनाश हो रहा है सृष्टि का, इंसान क्यों नहीं समझ रहे है ईश्वर का इशारा
ऐ ईश्वर! दे मुझे एक जवाब, ऐसे हैवानों के कृत्यों की निर्दोष जीव क्यों भुगतें सजा?

~Jalpa ‘Zoya’

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World Environment Day

We are all seeing that there is a lot of change in the environment nowadays. The reason for this is ourselves. We should be more conscious of this and protect the environment. No one can do this alone, we have to do it together and make others aware too and join together. We are also realizing that we are getting natural disasters as a result of playing with nature. God is also angry with us. Now we have to improve the environment together.

~Jalpa ‘Zoya’

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एक पन्ना

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ईद मुबारक

दुआ करो कि हर इंसान को समझ आये इंसानियत
ऐ मौला! तेरे हर बंदे की ज़बाँ में आ जाए तहज़ीब

अहल-ए-जहाँ में छाए प्यार, मोहब्बत की नजाकत
एक बार फिर से कुदरत की प्रकृति बन जाये जन्नत

दुआओं की हो इतनी असर कि बदल जाये किस्मत
हर दुआ क़ुबूल हो…. जिसने दिल से की हो इबादत

सबको ख़ुशी मिले और पूरी हो जाये हर नेक हसरत
ए ख़ुदा! इस ईद में मिटा दे सबके बीच है जो नफ़रत

या अल्लाह! कोई गुमराह न हो करदे तू ऐसी हिदायत
नमाज़ अदा करें शिद्दत से…मुश्किलों से पाले निजात।

आप सबको ईद मुबारक🌙🌠

~Jalpa ‘Zoya’

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सुरक्षित रहें

हुआ एक और प्रकृति का कहर, कैसी है ये कुदरत की नाराज़गी
ख़त्म कहाँ हुई कोरोना महामारी, अम्फान तूफ़ान ने मचाई तबाही

बख़्श दे हम सभी को मौला, करते है साथ मिलकर यहीं विनती
भुगत रहे हैं हानि, अब शांत कर इन तूफानों की अफ़रा-तफ़री

ऐ ख़ुदा सब सुरक्षित रहें कर दे ये इनायत, सुन ले ये दुआ हमारी
आपदा की इस मुश्किल घड़ी में, बस साथ है एक रहमत तुम्हारी।

~Jalpa

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आगाज़-ए-शायरी(हिंदी शायरी)

ख़ुद से ख़ुद का जोड़ लिया है राब्ता

इस फ़रेबी दुनिया में अब नहीं आता किसी पर भरोषा।

★★★★★★★★★★★★★★

सब को दर्द बाँटते बाँटते 

हमदर्द तो नहीं मिला

हर बार ज़ख्म ताज़ा हुआँ

अब मरहम भी नहीं मिलता।

◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆

कमरा भी इतना महक ने लगा कि

इतनी खुश्बू ही उनकी बातों में थी।

◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆

आख़िर किस हद तक रिश्ते में झुका जाए

यह तराजू है जिंदगी का

गर दोनो और से समान रखा जाए

तो घाटा नहीं होगा किसिका।

◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆

क्यूँ शिकायत करते हो कि तन्हा हूँ दिल से

यहाँ हर कोई अकेला है भरी महफ़िल में।

★★★★★★★★★★★★★★★

आ गया उनपे हमें इतना एतबार

एक दिन कर दिया उसने इज़हार

हो गया था हमें भी प्यार

कर बैठे हम भी इक़रार।

~Jalpa

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#blog #English #Quotes #science Uncategorized

English Quotes

Technology is very useful in communication and sharing.

★★★★★★★★★★★★★★★

The technology is useful or dangerous it depends on the users.

★★★★★★★★★★★★★★★

Limited use of technology is helpful and excessive use is distracting.

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#हिंदी #हिन्दीकविता #blog #poem #poetry

“माँ अनमोल है” 

कहते है हर एक के जीवन में कोई न कोई प्रेरणा बनकर आता है 

पिता, माँ, भाई, बहन, दोस्त, सेलेब्रिटी, या फ़िर कोई अजनबी 

वैसे ही मेरे जीवन में मेरी प्रेरणा बनी मेरी माँ। 

बचपन से देखती आ रही हूँ तब समझ थोड़ी कम थी 

आज समझ में आया माँ के अंदर कितनी ख़ासियत थी। 

माँ की दिनचर्या सुबह के पहले पहर से शुरू हो जाती 

सर्दी हो या गर्मी पहले घर का आँगन साफ़ करती। 

नाहकर प्रभु का ध्यान धरती, घर मे भी साड़ी पहनती 

उनकी वो बिंदी, वो चूड़िया, आँखों का वो सूरमा 

हमारे उठने तक तो चाय-नास्ता भी बन जाता। 

मेरे भी थे अरमान माँ के जैसा पहनावा मैं भी पहनूँगी 

बड़ी हो कर कुछ अवसर पर भी बड़ी जहमत से सब संभाल पाती। 

कैसे कर लेती थी माँ ये सब पहनकर भी घर का सारा काम 

सबकी जरूरते पहले पूरी करती अपना ख़ुद का कहा था उसको ध्यान। 

एक तो घर का काम, फ़िर बाहर पानी भरने जाना 

क्या इतना कम था कि मंदिर में भी करती थी समाज सेवा। 

कहाँ से मिलता था इतना समय, आज सब सुख-सुविधा 

के बावजूद भी हम कहते है समय कहाँ है हमारे पास। 

हमें पढ़ाना-लिखाना, तैयार करके पाठशाला भेजना 

सब की पसंद का खाना बनाना 

जितना लिखूं उतना कम पड जाए 

शायद माँ पर लिखने के लिए दुनिया के सारे कागज़ भी कम पड़ जाए। 

खाना पकाना सिखाती, तमीज़ से बात करना सिखाती 

घर के सारे काम से लेकर बाहर की दुनिया का ज्ञान भी देती। 

रात को बिना भूले दूध देती कभी मना करे तो डांट कर भी पिलाती 

पूरे दिन का हाल बतियाती, बड़े प्यार से साथ में सुलाती। 

सब के सोने के बाद आख़िर में वो सोती सर्दी में आधी 

रात में अपना कम्बल भी हम बच्चों को ओढ़ाती। 

फ़िर भी सुबह पहेले उठ जाती, आज तक नहीं पूछा, 

आज पूछती हूँ ऐ माँ ! क्या तुम थक नहीं जाती? 

बताओ ना माँ, क्या तुम थक नहीं जाती? 

हमें साफ सुथरा रखना, खाना खिलाना, दूध देना 

पढ़ाना, हमारे साथ खेलना नित्यक्रम था उनका। 

पता नही क्या बरकत है उनके हाथों में 

थोड़े में भी कितना चलाती फ़िर भी कभी पेट रहा न हमारा खाली। 

इतनी उम्र में भी आज है वो चुस्त-दुरुस्त आज भी वो कितना काम कर लेती 

फ़िर भी टी. वी. पर अपनी पसंदीदा सीरियल छूट ने नहीं देती। 

मुझे कहती है तू अकेली कितना काम करेगी 

इतनी छोटी उम्र में भी माँ जितना मैं नही कर पाती। 

माँ का कोई मोल नहीं ,माँ तो अनमोल है 

आज मैं जो भी हुँ, जो भी मुझे आता है 

मेरी माँ के दिये संस्कार है, मेरी माँ का दिया प्यार है। 

सब कहते है मैं माँ की परछाईं हूँ 

पर माँ मैं तेरे तोले कभी ना आ पाऊँगी 

मेरी माँ मेरी प्रेरणा है, मेरी माँ मेरे लिये भगवान है। 

बस इतना ही कहना चाहूँगी 

अब अपने आँसुओं को रोक ना पाऊँगी 

इसके आगे अब लिख ना पाऊँगी…. 

इसके आगे अब लिख ना पाऊँगी…. 

~Jalpa

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#blog #English #Quotes #Thoughts

Inspirational Quotes

You need patience and hard work to achieve your goal. Stay away whatever negativity comes to achieve your goal.

★★★★★★★★★★★★★★★

Let’s raise awareness. The more we know, the more we reduce risk. 

Let’s make the world cancer free,

Let’s make history.

★★★★★★★★★★★★★★★

Don’t worry about fear

It’s not severe

Turn fear into more power

Love fear, make it dear.

★★★★★★★★★★★★★★★

Prevent bad habit and love your good habit more than bad habit, bad habit will go itself.

★★★★★★★★★★★★★★★

Life is also like a movie, but in the movie there is a happy ending, but life’s end is uncertain.

~Jalpa

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#हिंदी #blog शायरी

आगाज़-ए-शायरी(हिंदी शायरी)

“खुशी” 

मुद्दतों से देख रहे थे राह तेरी 

तू आयी भी तो तब 

जब सफ़र ख़त्म होने को है।

◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆

गलत सोच थी मेरी

दुःख की इमारत मेरी है सबसे बड़ी

जब किया मैंने सफ़र

हर इमारत बड़ी निकली।

◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆

ज़्यादा नही बदला मेरा बचपन

पहले सब रोकते थे

और हम खेलते थे

अब सब खेल रहे है हमसे

और हम रुके हुए से हैं।

◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆

प्यार हुआ पर पूरा ना हुआ 

ख़्वाब देखा पर ज़रा देर से देखा 

मुलाक़ातें हुई मगर अधूरी रही 

जुदा हुए मगर एहसास कम ना हुआ। 

◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆

बाहों में उनके लेते ही हम तो पिघल से गये

पता ही नही चला कब हम उनके इतने क़रीब आ गए।

◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆

अक्सर हमारे पैरों में कांटा चुभना भी गवारा  नही था उनको

अब दिल के ज़ख़्म का भी एहसास नहीं उनको।

~Jalpa

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#blog #English #poem #poetry

You are that colour

You are that colour

Which glows my face.

You are that colour

Which colours my lips.

You are that colour

Which brightens my eyes.

You are that colour

Which beats in my heart.

You are that colour

Which running in my veins.

You are that colour

Which colours my dreams.

You are that colour

Which makes my life colourful.

~Jalpa

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#blog #English #letter #science

A letter to Mother Earth

As we all know that the burden on our earth is increasing. And nature is going towards destruction. All the natural resources of the earth are slowly disappearing. We should pay more attention to it. So today on Earth Day I have written a letter to our mother earth.

Dear, Mother Earth

Every New Year everyone makes a resolution. This year we have all taken a lesson of playing with nature.
Now we all take a pledge this year
that we will protect you.
So far, we humans regret whatever we did to you.
please, mother earth forgive all of us.

~Jalpa

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#हिंदी #हिन्दीकविता #blog #poem #poetry

पावन धरती

सुनो मानव! कुदरत ने पावन धरती सभी जीवों के लिए दी है
धरती पर पाप बहुत बढ़ गए है, ये उसका नतीजा आज मिला है

प्रकृति से जो खिलवाड़ किया है, अब कुदरत नाराज़ हुआ है
बर्बादी अभी कम ही हुई है, ईश्वर ने सबको किया आगाह है

अहम अपना छोड़ो मानव, प्रकृति की नाराज़गी अभी जारी है
अभी भी वक़्त है संभल जाओ, वरना अब हमारी बारी आनी है

इंसान भूल गया इंसानियत है, जानवरों ने इंसानियत सिख ली है
प्रलय आ रहा किस्तों में है, कही प्रकृति अपना आँचल खींच न ले।

~Jalpa

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#हिंदी #हिन्दीकविता #blog #poem #poetry

मीठा अहसास

तुम्हारी यादों का मीठा अहसास
तेज़ कर जाता है मेरी धड़कन

तुमसे मिलन की वो झूठी आस
बहुत बेचैन कर जाती है मेरा मन

तुम्हारी आग़ोश में आने की प्यास
तड़प उठता है मेरा कोमल बदन

तुम बिन कटती नहीं ये अँधेरी रात
देखूँ मैं सिर्फ ख़्वाब होकर मन मगन

तुम्हारी प्यार भरी वो हरएक बात
आज भी भिगा जाती है मेरे नयन।

~Jalpa

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#blog #English #poem #poetry

God is always there

God poem

God is my father.

God is my mother.

God is my brother.

God is my sister.

God is my friend.

God is with me.

God talks with me.

God walks with me.

God is always there

When I was afraid.

God is in the stars.

God is in the moon.

In the sun, in the sky.

God is not separate from us.

God exists every where.

~Jalpa

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#blog #English #poem #poetry

A Home

This structure is made by love bricks
Warmth sand and cement of affections

The walls laugh with happiness
The decor shows brightness

The doors teach positivity
The windows look hopefully

Concern and protection of parents
fight and affection of siblings

Share moments together
happiness or sorrows.

~Jalpa

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#हिंदी #blog #Corona #poem #poetry

अनुशासन

रहना है अनुशासन में, करना है समस्या का निवारण

सरकार कर रही निदर्शन, रोक दो सब कार्यक्रम

घर मे रहना ही है अतिउत्तम, साथ में करो मनोरंजन

ख़ुद को करो आइसोलेशन, बस करो थोड़े दिन परिवर्तन

जो भी सेवा में है जुड़े, उन सभी को मेरा अभिनंदन

अपनाए इसे हर मानव, मत करो इसमें ऑब्जेक्शन

सावधानी बरतें,  करे परहेज़, तभी होगा कोरोना नियंत्रण

बनाये रखो संयम, चल रहा है वैक्सीन का परीक्षण।

~ Jalpa

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#blog #Corona #poem #poetry

मंजिल

आज देखो पूरी दुनिया की मंजिल एक हुई है

घर में रहकर भी दुनिया एक रास्ते पर चल रही है

हर देश कोरोना पर जीत हासिल करना चाहता है

सब दुआ में हाथ उठाकर एक ही दुआ मांग रहे है

हम सबका हौसला ही बना आज हमारा सहारा है

रखना है हमें सब्र साथ में ख़ुदा की रहमत भी तो है

धीरे-धीरे करके रास्ता ख़तम होगा और मंजिल पाएंगे

यह मत भूलना सफ़र में कुछ सबक हमें सीखना है।

~ Jalpa

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#हिंदी #blog #Corona #poem #poetry

चल रहे हालात

सोचा चल रहे हालात का कुछ बयां लिखूँ

सामाजिक दूरी या परिवार की नजदीकी लिखूँ

सुनसान रास्ते या धरती को मिला सुकूँ लिखूं

पिंजरे में बंध इंसान या आज़ाद उड़ता पंछी लिखूँ

वीरान मंज़र या चलते मजदूर की कतार लिखूँ

रद्द हुई परीक्षा या ज़िन्दगी में आया इम्तहान लिखूँ

कोरोना के साथ जंग या भूखे पेट की तलब लिखूँ

ठहरी ज़िन्दगी या मौत और ज़िन्दगी में छिड़ी जंग लिखूँ

हिन्दुस्तान पर ताला या खींची हुई लक्ष्मण रेखा लिखूँ

पशुओं पर अत्याचार या इंसान का इंसान पर वार लिखूँ

कुदरत के साथ खिलवाड़ या रक्षकों का बखान लिखूँ

सोचा चल रहे हालात का कागज़ पर कुछ बयां लिखूँ।

~ Jalpa

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#blog #Corona #English #poem #poetry

Lock Down

It is for our best, this lock down is must

We all have to keep courage and patience

One can’t stop this pandemic alone

We’ll have to fight against this together

This is very easy to say but difficult to bear

But it’s all about only for our care

Don’t  panic, nothing to fear

Essential services are open for survival

Roads are empty, birds seems happy

pollution is much down and climate has become airy.

This is a gesture of nature to save the nature

It’s time to understand that the soul resides in every creature. 

~ Jalpa

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#हिंदी #हिन्दीकविता #blog #Corona #poem #poetry

खतरे में अस्तित्व

ऐ इंसान! तूने खूबसूरत सी धरा को, बदसूरत है कर डाला

बेजुबां जानवरों पर अत्याचार करने का, मिला है यह नतीजा

यह वहीं सृष्टि है जहाँ साथ रहकर भी, करते थे आपस में झगड़ा

आज देखो दूर रहकर भी, हुआ है एकजुट संसार सारा

हर जीव में है आत्मा बसती, कर रहा है यही कुदरत इशारा

सर झुका दे कुदरत के आगे, लेना है तुझे अब उसका सहारा

देख ए इंसान अभी भी वक़्त है तेरे पास, तू संभल जा जरा

वरना और भी खतरे में, पड़ सकता है अस्तित्व हमारा

जब तक न हो इसका समाधान, बस घर में ही बैठे रहना

इस तरह ही हमारे अस्तित्व को, ख़ुद हमें बचना होगा।

~ Jalpa

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#blog #Corona #English #letter #Thoughts

A letter to the doctors

As we all know that our current situation of epidemic of coronavirus. we all need care and security. and nowadays our doctors are doing good job. so here I have written this letter for showing my gratitude towards all the doctors who are doing the great work for all patients.

Dear doctors

You protect us every day, but these days on the corona epidemic, you are away from your family, day and night you are taking care of patients infected with corona without any selfishness and fear. Thank you for that. It is said that the doctor is the form of God, today the whole world is seeing this form together. Salute to your work. We are not afraid of the corona virus because we hope you will protect all of us from it. And will find vaccine for this disease.  Just want to say that you also take care of yourself and be safe. 

Thank you so much.

~ Jalpa

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#blog #Corona #English #Thoughts

Curfew

The night before curfew

Will be filled with fantasies of every mind that tomorrow will be the last day of the corona virus and our country will be free from it.

~ Jalpa

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#हिंदी #हिन्दीकविता #blog #poem #poetry

मेरी कविता

कविता पर लिख रही हूँ आज मैं कविता 
कविता पर लिख रही हूँ आज मैं कविता 

मेरी कविता में सिर्फ़ अल्फ़ाज़ नही है 
मैंने बयां किया है मेरा हाल-ए-दिल है 
मेरी कविता में सिर्फ़ पंक्तियां नही है 
मैंने महसूस की हुई एक अनुभूति है 

मेरी कविता में सिर्फ़ संसार का अनुभव नही है 
मेरी ख़ुद की जिंदगी का लिखा मैंने तज़ुर्बा है 
मेरी कविता सिर्फ़ एक कल्पना नही है 
मेरी कविता हर एक मर्ज़ की दवा है 

मेरी कविता सिर्फ़ दुनयावी सौंदर्य नही दिखाती 
प्रकृति से प्रेम, दया, और करुणा है सिखाती 
मेरी कविता सिर्फ़ एक कहानी नही है 
मेरी कविता में बसा मेरा अनुराग है 

मेरी कविता में सिर्फ़ कड़ियाँ नही है 
मेरी कविता जैसे बजती एक तरंग है 
मेरी कविता में सिर्फ़ लय, छंद नही है 
मेरी कविता माँ सरस्वती की प्रेरणा से है। 

~ Jalpa

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#blog #Corona #poem #poetry #science

Social distancing

A subtle virus deserted

the whole world

All roads are empty, 

lockdown all schools and malls

Do not gather together

But not to worry

do appreciate each other

It’s time to come closer

Stay indoors but it’s not 

about social distancing

Enjoy all family member’s

Love and make it interesting

Keep personal hygiene

Pay more attention

Wash your hands 

Wear mask on face

But spread affection

Eat healthy food

Cook with your partner

Have fresh meal 

on table together

Do work from home

But don’t let 

society distance

Don’t panic over condition

but Don’t forget 

about your safety

Awake all the people

Around you seriously

Remember that prevention

Is better than cure

But it’s not just a quote

Don’t fear of the 

Corona pandemic 

Just be strong.

~ Jalpa

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#blog #English #poem #poetry

” A Fear “

I had a fear of School

Have to follow list of rules.

I had a fear of Elder’s fight

When I was a child.

I had a fear of Alarm

During the time of my exams.

I had a fear to feel Unsafe

Keep the world away myself.

I had a fear to Travel

Of motion sickness little.

I had a fear of telling the Truth

Because would be fool in group.

I had a fear of Marriage

For leaving all family members.

I had a fear of Beating

By angry husband’s bad dealing.

I had a fear of Divorce

For prestige loss, by family’s force.

I had a fear of losing People

When lost my sister, feel pain of heart deeper.

I had a fear about my Health

Some suspicion seen in X-ray Itself.

No need to worry about of Fear

Have to fight against it’s not Severe.

Turn your fear into more Power

Love your fear, make it your Dear.

~ Jalpa

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#blog #English #Thoughts

Happiness

“During the day you make someone happy and bring a smile to someone’s face…and at the end of the day by remembering that…brings a big smile on your face… That’s true Happiness.”😊

~ Jalpa

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#blog #Corona #poem #poetry englishpoem

कोरोना

इक और आविष्कार किया खाने के शौकीन चीन ने
सीमाओं से निकलकर खतरा फैलाया पूरे विश्व में

तुलसी, अदरक, गिलोय, सब अपने-अपने नुस्खे बताते है
कौनसा इलाज! पक्का नहीं पता कौनसा काम आता है

वो दिन गए सब भूल जब अभिवादन में हाथ मिलाए जाते थे
आज भारत के नमस्कार के संस्कार को पूरी दुनिया ने अपनाया है

साँस से साँस मिलाकर जीवनदान देते कभी सुना था
अब साँसों में समाकर कोरोना साँस छीन जाता है

कभी हिफाज़त-ए-हुस्न को परदा गिराया करते थे
आज रक्षा हेतु हरएक मुँह पर नक़ाब लगाएं फिरते है

गर रोकना हो विषाणु का संक्रमण होते हुए
सब मिलकर एहतियात बरतें, वरना गंभीर खतरा बन सकता है

कहाँ से पैदा हुआ यह कोरोना, या है कुदरत का कोई इशारा
जल्द ही इसका समाधान खोजें, हरकोई यही उम्मीद लिए बैठे है।

~ Jalpa

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#blog #poem #poetry

My favourite colour

My favourite colour is white 

Because when I feel dark, it gives me light.

My favourite colour is blue

Because when I feel down, it reminds my value.

My favourite colour is green

Because when I feel old, it keeps me sweet sixteen.

My favourite colour is yellow

Because when I feel alone, it connects me with good fellows.

My favourite colour is pink

Because when I start to drown my mind, it becomes my brink.

My favourite colour is red

Because it keeps my worth alive, when my self love fade.

My favourite colour is black

Because when I go to my dark days, it brings me back.

You should love all the colours

Because they never let your life become colourless.

~ Jalpa

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#blog #poem #poetry हिन्दी कविता

होली है!

होली है!

मुझे याद आती बचपन की वो होली

एक साथ निकलती हम बच्चों की टोली

रंग, गुलाल, पानी के गुब्बारे, और पिचकारी

कर लेते थे अगले दिन सब मिलके तैयारी

रंग-बेरंगी कपड़े हो जाते

जैसे इन्द्रधनुष उतर आया धरती पे

रंग जाते थे संग में सब के बाल

ज़ोरो ज़ोरो से रगड़ के लगाते गुलाल

बाहर निकलते ही सब को डराते

किसीके घर के दरवाज़े भी रंग आते

सामने देखते बड़े लड़को की गैंग

सब को चिड़ाते वो सब पी के भांग

वो सब के साथ मिलके गाते गाने

वो चिल्लाते जाते… होली है…!

~Jalpa

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#poem #poetry हिन्दी कविता blog women's Day

क्यों?

सहनशीलता पत्नी की ऐसी सीता सी तू
फ़िर दहेज की लालच में तुझे दुत्कारते हैं क्यों?

त्याग प्रेयसी का ऐसी राधा सी तू
फ़िर अपमानित की जाती है हर जगह क्यों?

सुंदरता स्त्री की ऐसी अहल्या सी तू
फ़िर एसिड से तेरी सुंदरता को नष्ट करते हैं क्यों?

पावनता पौधे की ऐसी तुलसी सी तू
फ़िर भ्रूण में तेरी हत्या की जाती हैं क्यों?

कोमलता फूल की ऐसी गुलाब सी तू
फ़िर जिंदा तुझे जलाया जाता हैं क्यों?

पवित्रता नदी की ऐसी गंगा सी तू
फ़िर तेरे चरित्र पर लांछन लगाया जाता हैं क्यों?

रस भक्ति का ऐसी मीरा सी तू
फ़िर लड़ती जब न्याय को तो आवाज़ दबाई जाती हैं क्यों?

पतिव्रता अर्धांगिनी की ऐसी उर्मिला सी तू
फ़िर आज भी सुरक्षित नहीं है नारी, आप ही बताए क्यों?

~ Jalpa

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#poem #poetry englishpoem women's Day

The Lady Leader

The Lady Leader

Yes! I am the leader,

I climbed difficult steps of a ladder.

Faced Ignorance, Gained Tolerance,

Never gave up by performance.

Stayed with strangers without any honour,

With smile on face, no time for mirror.

Surrendered my body, even my soul,

But underestimated my whole role.

Made up my mind for taking a decision,

Not to allow revision, keep doing supervision.

Known by my personality,

Increase my inner quality.

Have to cross road without feeling loss,

Raise your voice, Be your own boss.

Hey! Lady! You are the boss,

Get up! And come across

~ Jalpa

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#poem #poetry हिन्दी कविता

“कल हो न हो”

“कल हो न हो”

आज बरसों बाद फ़िर से वो दिन आया था, 

मेरी दोस्त ने मिलने का आयोजन बनाया था। 

खो गये थे वक़्त के भवँर में दोनों, 

जब मिले भाव-विभोर बन गये दोनों। 

ये एक दिन सिर्फ़ हमारी दोस्ती के नाम, 

पूरे करने है वो सारे अधूरे अरमान। 

फ़िर क्या पता कल हो न हो….. 

आहना के साथ शुरू हुआ सुंदर दिन हमारा, 

अभी तो साथ बिताना है दिन सारा। 

अभी भी था उसमें वहीं बचपना, 

ज़िद थी उसकी मेरे हाथ का खाना। 

अब जल्दी तैयार हो बाज़ार भी है जाना, 

उसका हमेशा से था हर बात में देरी करना। 

ये लेना है, वो लेना है करते करते पूरा बाज़ार घूम लिया, 

फ़िर भी मैं खुश थी ना जाने फ़िर कब मिले ये खुशफहमिया। 

फ़िर क्या पता कल हो न हो….. 

अब कितनी करनी है ख़रीदारी मुझे भूख लगी है भारी, 

क्या पता था एक दिन यही बातें, यादें बनेगी सुनहरी। 

अभी तो कितने ईरादे है, है कितनी ख्वाहिशें, 

आज पूरी करनी है मेरी दोस्त की हर फ़रमाइशें। 

पहली बार सिनेमा देखने गये साथ, 

इतने सालों बाद आज पूरी हुई हसरत। 

फ़िर क्या पता कल हो ना हो….. 

वो साम भी कितनी हसीन थी 

दोस्त के साथ समुद्र की लहरे थी

फ़िर से बच्चे बन गये थे फ़िर से रेत में घर बनाये थे 

फ़िर से कागज़ की कश्ती बहाई थी। 

उफ्फ़! ये रात को भी इतनी जल्दि आना था, 

दोनों को अपने अपने घर वापस भी तो जाना था। 

नहीं भूल पायेंगे वो पल, वो एक दिन को, 

साथ ख़ूब हँसे दोनों, भेट कर रो भी लिए दोनों। 

फ़िर क्या पता कल हो न हो….. 

~ Jalpa

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#poem #poetry हिन्दी कविता family memories

“यादगार पल” 

“यादगार पल” 

याद है मुझे आज भी वो पल 

जब माँ ने कहा तेरे क़दम पड़ते ही 

नये घर रूपी मिला हमें एक फल। 

याद है मुझे आज भी वो पल 

जब हर वक़्त पीछे घुमा करती थी 

पकड़े माँ का आँचल। 

याद है मुझे आज भी वो पल 

जब माँ के साथ जाती थी 

नदी किनारे लेने जल। 

याद है मुझे आज भी वो पल 

जब बापू की फटकार से मिलता था 

गणित का हर हल। 

याद है मुझे आज भी वो पल 

जब बापू रेहते थे हर नियम में अटल। 

याद है मुझे आज भी वो पल 

जब बापू के घर पर न होने पे 

किया करते थे उनकी नक़ल। 

याद है मुझे आज भी वो पल 

जब बहन के साथ छत पर निहारती थी बादल। 

याद है मुझे आज भी वो पल 

जब सर्दी की रातों में ओढ़ लेती 

थी बहन का कम्बल। 

याद है मुझे आज भी वो पल 

जब बहन के साथ झूम उठती थी 

मैं भी पहने पायल। 

याद है मुझे आज भी वो पल 

जब भाई के पीछे-पीछे चल 

पड़ती थी मैं भी पैदल। 

याद है मुझे आज भी वो पल 

जब भाई के साथ 

मचाती थी उथल-पुथल। 

याद है मुझे आज भी वो पल 

जब बहार चली जाती थी 

पहनकर उल्टी भाई की चप्पल। 

याद है मुझे आज भी वो पल 

जब सब साथ बैठकर खाते थे चावल। 

याद है मुझे आज भी वो पल 

जब सारे साथ बैठ के देखते थे दूरदर्शन 

जैसे सज़ा हो एक मंडल। 

याद है मुझे आज भी वो पल 

प्यार भरी नींव से बनता है 

मेरा परिवार मुक्कमल। 

हाँ! याद है मुझे आज भी यह सारे पल 

~ जल्पा लालाणी

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#englishthought #science #scienceday
#Science day, #science, #englishthoughts,
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हिन्दी कविता

“चाँद बेवफ़ा नही होता” 

किसी ने कहा था मुझे तुम हो चाँद सा नूर 

तुम्हारी खूबसूरती से मचल जाता है दिल मेरा 

जैसे चाँद की रोशनी दूर करती है अंधेरा 

शायद वह मोह था रूप का तभी चले गए दूर। 

अब वही चाँद से किया करते है हम गुफ़्तगू 

पूछते है उससे कई सवाल 

मैं भी तो काला हु, मुझे रोशनी देता है रवि 

यह कहकर समझाता है मुझे चाँद। 

तू मत हो हताश तेरे हुश्न पर 

कोई नहीं समझ पायेगा तेरा दिल 

तू कर गुमान अपने दिल की सुंदरता पर 

जब भी हो मन तेरा उदास तू मुझसे आके मिल। 

मेरी भी पूरी नही होती आशा 

कभी मैं भी आसमान में नही होता 

कभी आता हूं पूरा तो कभी आधा 

चाँद की यही बातो से हो गई मैं फ़िदा। 

सेह लिया सब से हमने धोखा 

आज करते हैं हम इक़रार 

अब कर लिया है चाँद से हमने प्यार 

क्यूंकि चाँद बेवफ़ा नही होता। 

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हिन्दी कविता

कली से फूल

एक माली ने बोया है एक बीज मिट्टी में 

एक तरफ़ एक बीज पनप रहा है माँ की गोद में। 

दिन-रात की मेहनत से बीज डाली बन जाता है 

माँ की कोख़ में पोषित होकर वह बीज भी बच्चे का स्वरूप लेता है। 

एक दिन सूरज की किरणों से डाली पर कली निकल आती है 

एक प्यार की निशानी पिता की परछाई से एक बच्ची जन्म लेती है। 

कली खिलते ही पहली बार रंग-बिरंगी दुनिया देखती है 

नन्ही सी बच्ची मुस्काते हुए माँ की गोद मे खिलखिलाती है। 

सुगंध कली की फेल कर पूरी बगिया महकाती है 

मंद-मंद किलकारियों से घर की दीवारें गूंज आती है। 

देखते ही देखते एक दिन कली फूल बन जाती है 

नन्ही सी बच्ची खेलकुद कर पढ़-लिख कर एक दिन शबाब कहलाती है। 

फूल की सुंदरता को देख सब उसकी और खिंचे चले आते है 

यौवन की खूबसूरती देख हर कोई आकर्षित हो जाते है। 

मानव फूल को तोड़कर कोमल पंखुड़िया मसल कर फेंक देता है 

घर की प्यारी को उठाकर सौंदर्य को अभिशाप में बदल देता है। 

फूलों को बगिया में रहने दे उसकी जगह ईश्वर के चरणों मे है 

है मानव, गर लक्ष्मी इतनी प्यारी है तो हर नारी की जगह मंदिर में है। 

~ जल्पा लालाणी

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हिन्दी कविता

“ख़ुद से प्यार” 

हाँ! मैं ख़ुद से प्यार करती हूं…. 

बड़ी मुस्किलो लो के बाद अपने आपसे

यह इज़हार करती हूं 

हाँ! मैं ख़ुद से प्यार करती हूं। 

ज़िंदगी ने दिए हैं ज़ख़्म  कई 

तभी अपने आपसे प्यार करती हूं   

छोड़ दिया हैं तन्हा सभी ने 

अब तन्हाईयो में ख़ुद से बात करती हूं…. 

हाँ! मैं ख़ुद से प्यार करती हूं। 

ख़ुदग़र्ज़ लगूँगी मैं आपको 

पर ख़ुदग़र्ज़ ना कहना मुझे 

बड़ी मुश्किलों के बाद 

हिम्मत जुटाई है मैंने 

यूँ तो आसान होगा 

किसी और से इज़हार करना 

कभी अपने दिल से 

ख़ुद इज़हार करके तो देख 

कितना प्यार आता है ख़ुद पे 

ज़रा एक बार करके तो देख 

यह तन्हाईयो में ख़ुद से बार बार कहती हूं

आईने में देखकर ख़ुद से मुलाकात करती हूं…. 

हाँ! मैं ख़ुद से प्यार करती हूं। 

यूँ तो कई से प्यार करके देखा है मैंने 

पर प्यार न मिलने का ग़म हर बार सहा है मैंने 

तो क्यूँ ना अपने आपसे प्यार किया जाए? 

चलो एकबार यह भी करके देख लिया जाए 

ख़ुद से यहीं ज़िक्र बार बार करती हूं…. 

हाँ! मैं ख़ुद से प्यार करती हूं। 

यूँ तो रोते हुए को देखकर 

आँसू आए  है मेरी आँखों में 

हर रोते हुए को हसाया है मैंने 

नवाज़ा हैं खुदा ने मुझे इस इनायत से 

कहा है मूझसे सभी को प्यार बाँटते हुए 

कभी अपने आपको भी प्यार दिया करो 

ख़ुदा की यहीं रहमत को 

सज़दे के साथ इक़रार करती हूं…. 

हाँ! मैं ख़ुद से प्यार करती हूं। 

~ जल्पा लालाणी